पुत्र प्राप्त करने के लिए व्रत या अनुष्ठान
सन 1939 के संस्करण में पंडित रूप चंद जी जोशी ने हस्त रेखा पर अधिक बल दिया था परंतु के संस्करण में पंडित जी ने फलित पर अधिक बल दिया और कुछ उपाय भी सुझाये l गुटका को ग´ के रूप में लिखा गया का संस्करण ग´ और प´ का एक मिश्रण था और यह पुस्तक बाकी पुस्तको से लिए गये महत्वपूर्ण भागो का एक संकलन है जिसके सामुद्रिक के सभी भागो को सम्मलित किया गया है i
Some of the outstanding features of the book are:
Bhagyalekshmy
Preeti Hai Rah Mukti Ki [Hindi] Keven W Barrett पुत्र प्राप्त करने के लिएPreeti Hai Rah Mukti Ki [Hindi] by Osho Priya Publisher: Oshodhara , I , I , I , I I ! I I , I , , , , I I , I I , + + I I I , , : I I , I